खुद के गाने नहीं सुनती थीं लता मंगेशकर, अगले जन्म में नहीं बनना चाहती थीं सिंगर, वजह जान रह जाएंगे हैरान

भारत की मशहूर सिंगर स्वर कोकिलार लता मंगेशक जो की आज ही दिन इस दुनिया को छोड़ कर गई थी आज उनको इस दुनिया से गए हुआ पूरा एक साल हो गया है लता मंगेशकर को आज भी उनके फैन बहुत याद करते है जैसा ही उनका नाम आता है सबकी आँखे नम हो जाती है लता मंगेशकर का असली नाम हेमा था था बचपन से ही सुरीली आवाज और सधे सुरों की मलिका लता मंगेशकर का नाम उनके पिता ने बदला था उनके पिता जीदीनानाथ अभिषेकी भी एक संगीत के शिक्षक थे।

लता मंगेशकर ने अपने एक इंटरव्यू में यह बात बताई थी की वो कभी भी अपने गांव को नहीं सुनती है और यह भी कहा था की अगर उन्हें मौका मिलेगा तो वे अगले जन्म में भी लता मंगेशकर नहीं बनना चाहेंगी. मेरी शौहरत सभी ने देखी है लेकिन मेरे दर्द सिर्फ मैं जानती हूं दरसल लता मंगेशकर ने बचपन से ही काफी संघर्ष किया है. बाली उम्र में लता के पिता दीनानाथ का निधन हो गया था. घर में बड़ी बेटी होने के नाते परिवार की जिम्मेदारियां अचानक उनपर आ गई थी लता ने 5 साल की उम्र से संगीत की शिक्षा तो लेनी शुरू कर दी थी मगर उस वक़्त तक वो फिल्मो में गाना नहीं गया करती थी क्यों की उनके पिता जी यह चाहते थे कि लता फिल्मों में काम करें. मगर जब लता की उम्र 13 साल हुई तब उनके पिता जी क निधन हो गया था और उनपर आप ने घर की साड़ी जिम्मेदारियां आ गई थी।

जिसके बाद में लता जी ने फिल्मो में गाना गाना शुरू कर दिया था फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत एक सिंगर नहीं बल्कि एक्टर के तौर पर की थी. साल 1942 में आई ‘फिल्म मांगलागौर’ फिल्म में लता ने अभिनय किया था.उस फिल्म में काम करने के लिए उनको उस वक़्त 300 रुपए मिले थे जो की उनके लिए एक बहुत ही बड़ी बात थी उसके बाद में लता जी को फिल्मोमें गाने का मौका मिला था और उनकी आवाज लोगो को इतनी पसंद आई की उन्होंने एक के बाद में एक सुपरहिट गाने गाए लता मंगेशकर ने अपने करियर में कई सुपरहिट गाने गाए है बता दे की लता जी शुरुआत के वक़्त में कई तकलीफो का सामना किया था मगर जैसे जैसे वो और ज़्यदा मशहूर हुई उनकी ज़िन्दगी मेंकी सब तकलीफें खत्म हो गई थी