Breaking News
Home / मनोरंजन / यूपी के बागपत में मिले पृथ्वीराज चौहान के समय के दुर्लभ सिक्के, टीले में दबा हो सकता है खजाना

यूपी के बागपत में मिले पृथ्वीराज चौहान के समय के दुर्लभ सिक्के, टीले में दबा हो सकता है खजाना

आज हम आपको उन सिक्के के बारें में बताने जा रहे है जो की सम्राट पृथ्वीराज चौहान के वक़्त के है यह बात पश्चिमी उत्तर प्रदेश की है जहा पर अलग समय के सिक्के मिले है ऐसा पहली बर हुआ है दुर्लभ सिक्कों जिनको देखने के लिए लोग काफी उत्साहित हो रहे है और दूर दूर से देखने के लिए आ भी रहे है


आपको बता दे की यह अदबुद सिक्के काठा गांव में मिले है उस गांव में एक प्राचीन टीला है जिसके अंदर से उनको यह सिक्के मिले है उसके बाद लोग इनको देख कर काफी हैरान भी हो गए थे इतिहासकार अमित राय का इस बात पर कहना है की यह सिक्के पृथ्वीराज चौहान के वक़्त के है यहाँ पर और भी कीमती चीज़े मिल सकती है क्यों की यहाँ एक प्रचीन टीला है और उन्होंने बोलै की यथासंभव यहां उत्खनन का कार्य किया जाए ताकि यहां पर छुपे हुए दुर्लभ सांस्कृतिक विरासत भी मिल सकती है।

आपको बता दे की इस पुरे मामले की खोज करते हुआ इतिहासकार डॉ अमित राय जैन ने हमको बतया था की टीले से 16 दुर्लभ सिक्के मिले है। ये पृथ्वीराज चौहान और उनके बाद के शासक राजा अनंगपाल तोमर, राजा चाहडा राजदेव, राजा मदन पाल देव के समय के हैं। वहीं, जिस स्थान पर ये सिक्के मिले हैं, ये बागपत के प्राचीन किले के महत्व को सिद्ध करता है

उसके आगे डॉ अमित राय जैन सिक्को की धातु के बारें में हमको बतया की यह बिलन धातु के सिक्के हैं, जिसका निर्माण चांदी एवं तांबे को मिश्र करके किया जाता था। चांदी क्योंकि अति दुर्लभ थी तो सिक्कों को बनाने में उसमें तांबे की मात्रा भी मिलाई जाती थी। यहां से प्राप्त सिक्कों में कुछ सिक्कों को रासायनिक विधि से साफ किया गया है, जिससे उन पर लिखे गए नामों का उल्लेख स्पष्ट रूप से किया जा सका है।

आपको बता दे की जब 16 दुर्लभ सिक्कों मिले तब इनकी तुरंत डीएम राजकमल यादव को दे दिए गए थे जिसकी वजह से उनपर एक विस्तृत खबर भी बहन गोई है अमित राय जैन का कहना है की प्राचीन टीला यहाँ पर हज़ारो सालो से मौजूद है यहां से कुषाण काल एवं बाद की सभ्यताओं के अवशेष मृदभांड इत्यादि प्राप्त होते रहे हैं। फ़िलहाल तो वह पर 16 सिक्कों मिले है मगर अब वह पर और खोज की जाएगी

 

About wpadmin