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शबनम के बाद अब 42 बच्‍चों को मारने वाली इन दो बहनों को हो सकती है फांसी, जानें पूरा मामला

यूपी के अमरोहा में अपने परिवार के 7 लोगो को मरने वाली शबनम को बहुत ही जल्द फांसी की सजा सुनाई जाने वाली है तो वही इस ही बीच एक-एक करके करीब 42 बच्‍चों की हत्‍या कर करने वाली तीनों अपराधी महिलाओं को सभी जल्‍द से जल्‍द फांसी पर लटकना देखना चाहता है आपको ये भी बता दे की इनका अपराध किया वो इतने भयावह थे कि इनकी दया याचिकाओं को राष्‍ट्रपति ने पहली बार में ही रद्द कर दिया था।

आपको बता दे की इन महिलाओं में हरियाणा की सोनिया और महाराष्ट्र की रेणुका और सीमा हैं और इन्होने पपर्टी के लालच में अपने विधायक पिता रेलूराम की23अगस्‍त 2021 में हत्‍याकर दी थी। पुलिस के अनुसार सोनिया ने अपने पति संजीव के साथ मिलकर पिता और अपने परिवार के 8 लोगों की हत्‍या की थी।

वही दो सीरियस किलर महिलाएं जो अपने गुनाहों की सजा जेल में काट रही है उन्हें भी सभी फांसी पर लटकते हुए देखना चाहते हैं आपको बता दे की पुणे की रहने वाली रेणुका और सीमा दो बहने हैं जो 24 सालों से पुणे के यरवदा जेल में है आपकी जानकारी के लिए बता दे की यरवदा वो ही जेल है जहां पर अंतकवादी कसाब को जेल में बंद किया गया था और ये दोनों बहाने इस जेल में फांसी से पहले अपने गुनाहों की सजा काट रही हैं।

इन्होने जो काम किया है उसकी सजा शायद आपको बहुत कम लगे बता दे की इन दोनों ने 42 बच्चों की हत्‍या की थी जिसमें से 06 हत्याओं के मामले साबित हो गए बता दे की दोनों के इस दिलदहला देने वाले काम में उनकी माँ ने भी उनका साथ दिया था पर उनकी मौत जेल में हो चुकी है।आपको बता दे की मां अंजना गावित नासिक निवासी थी और ट्रक ड्राइवर से प्‍यार में भागकर पुणे आ गई. दोनों की एक बेटी रेणुका ने जन्‍म दिया और प्रेमी ट्रक ड्राइवर पति ने अंजना को छोड़ दिया।

जिसके बाद मां अंजना ने एक रिटायर्ड सैनिक मोहन से शादी कर ली इससे दूसरी बेटी हुआ जिसका नाम उन्होंने सीमा रखा था पर उसके साथ भी इनकी मां की बनी नहीं और बच्‍चों की चोरी करने लगी और बाद में अपनी मां के साथ बच्चियों ने चोरियां करने लगी।पुलिस का कहना है की बच्‍चों की चोरी कर उन्‍हें लेकर ये उन्‍हें रुला कर भीख मांगती थीं और न रोने पर उन्‍हें जमीन पर पटक कर मार देती थी।

ऐसा माना जा रहा है की महिलाओं ने साल 1990 से लेकर 1996 42 मासूमों की जान ले ली थी वैसे सीआईडी को ज्यादा सबूत नहीं मिले पाए थे क्योकि उन्होंने ये सब काम 6 सालो के अंदर किये थे 13 किडनैपिंग और 6 हत्याओं के मामलों में इन तीनों का अपराध सिद्ध हुआ जिसके आधार पर इनको फांसी की सजा सुनाई गई।

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